डॉक्टर ने गीता सत्रों से जाना - असली सशक्तिकरण भीतर से आता है 🩺
सीमा जी - राजस्थान से हैं। सिविल हॉस्पिटल में डॉक्टर हैं। 1 साल से आचार्य जी को सुन रही हैं। "गीता सत्र आपकी हस्ती बदल देंगे - आइए और खुद देखिए" 🔷 पहले आध्यात्म मतलब रीति-रिवाज और मान्यताएं थीं। आचार्य जी ने सिखाया - आध्यात्म खुद को ईमानदारी से देखना है। 🔷 असली सशक्तिकरण बाहरी बदलाव नहीं - भीतर के डर से आजादी है। अब गीता एक धार्मिक पुस्तक नहीं - जीने का तरीका बन गई है। जुड़िए गीता सत्र से - और भीतर से सशक्त होइए। 🙏✨






























