
Khushboo Upadhyay
agr karta satya ko jagrit karne ka hai to pratistha ki bhukh mr jati hai or pratistha pana dar , atmsandeh , nishchit adigta ki jid ke ubharta hai 😓
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agr karta satya ko jagrit karne ka hai to pratistha ki bhukh mr jati hai or pratistha pana dar , atmsandeh , nishchit adigta ki jid ke ubharta hai 😓

खुशबू जी, आपने जो लिखा, उसमें एक पूरी बात छिपी है। जिस दिन कर्ता सत्य को जगाने वाला हो गया, उस दिन पद की कुर्सी उसके लिए बस एक कुर्सी रह जाती है। और जहाँ प्रतिष्ठा की भूख पीछे से धक्का दे रही हो, वहाँ आगे की उस भूख के नीचे डर और आत्मसंदेह का ही ईंधन जल रहा होता है। पर यह भी देखिए कि यह बात आपने पोस्ट के सामने रखी है, अपने सामने नहीं। आपके अपने दिन में कौन-सा काम अभी भी इस पर टिका है कि लोग क्या देखेंगे, यह आपका अगला सवाल हो सकता है। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m00401