मैं जिसे प्रेम समझती हूं। उसके माध्यम से ही अपने मैं अधूरेपन को पूरा करने की कोशिश करती…
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Anuradha Walia
मैं जिसे प्रेम समझती हूं। उसके माध्यम से ही अपने मैं अधूरेपन को पूरा करने की कोशिश करती हूं।
मैं अपनी इच्छा और कामनाओं को ही प्रेम का नाम दे देती हूं। मात्र कामनाओं को ही प्रेम समझती रहती हूं।