क्योंकि वो धारणाएं खोखली होती है यह शायद समझ में आ जाता है। जो समझ जाते हैं वो खुद को बचा…
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Sweta Mahalaxmi
क्योंकि वो धारणाएं खोखली होती है यह शायद समझ में आ जाता है।
जो समझ जाते हैं वो खुद को बचा पाते हैं और जो समझ नहीं पाते अहंकार के इस खेल को वो, वही ईर्ष्या, शत्रुता, ईश्वर से नाराजगी भी के बैठते हैं।