
Bhavna Prajapati
हमारी जरुरत के लिए तो पृथ्वी मे पर्याप्त साधन है लेकिन हमारे अहंकार की भूख को मिटाने के लिए तो ऐसी कई पृथ्वीयाँ कम पड़ जाएंगी! अहंकार की और- और की मांग कभी पूर्ण नहीं होने बाली अब से ये निगरानी भी करनी है खुद पर! 🙏 यदि हम आगे भी वैसे ही चलते रहे जैसे अभी तक तो, तकनिकीया तो हम ईजाद कर लेंगे पर बिन संसाधन के उनको कैसे क्रियान्वयन करेंगे















