
Ishika sharma
जब तक केंद्र में अहंकार रहेगी तब तक ये अच्छा इंसान हो या बुरा इंसान बनने की हो फिर भी वो बंधन में ही रहेगा। क्योंकि हमें जो मिला है अच्छे और बुरे इंसान बनने की वो तो दूसरे से मिला है। खुद की तो कुछ भी नहीं है। जब तक हम खुद को नहीं देख पाएंगे तब तक स्वतंत्र नहीं हो सकते।















