
Vimla Patel
“जिस व्यवस्था को मैं बदलना चाहता हूँ, क्या उसके मूल में जो प्रवृत्तियाँ हैं, उनका कोई हिस्सा मेरे भीतर भी मौजूद है?” हां , ऐसी कई प्रवृत्तियां है , जिनका हिस्सा मेरे भीतर भी मौजूद है , खासतौर पर जहां मुझे उस व्यवस्था से मेरा पर्सनल फायदा दिखता है । मै रिज़र्वेशन के खिलाफ हु लेकिन मुझे साफ दिख रहा है कि अगर मै SC,ST रिज़र्वेशन का हिस्सा होती तो मुझे इससे दिक्कत नहीं होती, हमें जहां फायदा नहीं मिलकर बस नुकसान मिलता है हम केवल उन्हीं व्यवस्थाओं को ब…















