
हमने तंत्र विकसित किया ताकि हमारा काम 'आसान' हो सके या सृजनशील काम की तरफ मानव जाति मुड़ जाए। लेकिन ये मशीनें, यह टेक्नोलॉजी नये ढर्रे तैयार कर रही है। कोई लोकधार्मिक परंपरा या बिना समझे फॉलो करना या AI के जवाब का इस्तेमाल सिर्फ स्कूल का दिया हुआ टास्क पूरा करने के लिए करना ये दोनों बाते एक कैसे नहीं हो सकती? माने जब हम लोकधर्म का पालन करते है तब भी 'टास्क' पूरा करते है प्रथाओं और परंपराओं का और जब स्कूल कोई 'टास्क' देता है तो हम भी वह कार्य किस…





























