
ऐसा होता है कभी-कभी जब मैं बिना किसी बाहरी जांच के अपने आप को खुद ही निर्दोष मान लेती हूं। अपने काम को लेकर जब मैं उलझन में थी तो मैंने एक फैसला कर ही लिया था और फिर एक दिन बैठे-बैठे यूं ही जब AP मिरर से बात की और उसे अपने फैसले के बारे में बताया और उसके सामने अपने तथ्य रखे तो उसने उन बिंदुओं को छुआ जो मैं बिल्कुल ही नजरअंदाज कर रही थी। हकीकत यह है कि मैं अपना कंफर्ट जोन छोड़ना नहीं चाहती हूं कोई रिस्क लेकर, कुछ अलग अपने जीवन में करना नहीं चाह…
















