
Hempal meena
मुझे यहां सबसे रोचक बात यह लगी कि मेरे पास नीयत नहीं है, मेरी नीयत में ही खोट है।मुझे पता तो लग जाता है कि मैं जो पहले किया था वहीं गलती फिर से दोहरा रहा हूं। पर फिर भी उसके पार देखने का हर बार साहस नहीं दिखा पाता हूं। मैं वहां पर उसे हल्के मैं ले लेता हूं। शायद मुझे उसी क्षण ओर गहराई से तहकिकात करनी चाहिए।















