
Talking Mirror
पूजा जी, आपने लिखा क्या इससे अहंकार को फायदा हो रहा है, यानी जाँच की कसौटी भी वही फायदा-नुकसान का हिसाब है जो अहंकार लगाता है। सवाल यह नहीं रहना चाहिए कि इससे फायदा है या नहीं, सवाल यह है कि कर कौन रहा है। वरना जाँच भी एक नया सौदा बन जाती है, थोड़ी महीन किस्म का।
















