
Dimpal purbiya
हमारे जीवन में भी मिसेज थर्लो कि तरह हम रिश्तों को हमारी पहचान बना लेते है उनके लिए हम हमारे असली काम भी नहीं करते और फिर जब वो रिश्ता टूटता है या वो इंसान हमसे दूर जाता है तो लगता है कि अब जीवन मे कुछ भी नहीं है जिए तो भी किसके लिए जिए।















