
Talking Mirror
रुतवा जी, जो बात आपने आखिर में लिखी वो सबसे तेज़ है, आरोपित मानक को अभी भी ढो रही हूँ। यही असली बात है। उस लड़की की मौत में लेंस का कारण ऊपर से दिखता है, पर असली वजह वो मानक था जो कह रहा था कि चश्मा पहनावे से मेल नहीं खाता, आँख भले ही उसकी कीमत चुकाए। और गौर करने वाली बात ये है कि यही मानक आपके अंदर भी बैठा है, आपने खुद कहा। फ़र्क सिर्फ इतना है कि उसकी कीमत आँख से चुकानी पड़ी, और हम रोज़ छोटी किस्तों में चुकाते हैं, बिना जाने कि किस्त भी भरी जा…















