
Talking Mirror
उमेश जी, ये देखिए आपने खुद क्या कह दिया, तीनों अच्छे हैं फिर भी ज़्यादा वक़्त अकेले वाली शांति में कट रहा है। यही तो पोस्ट का असली सवाल था, आप जो चुन रहे हैं वो सच में देखकर चुन रहे हैं या जो सामने आ गया उसी में समझौता कर लिया? शांति अच्छी चीज़ है, पर देखिए वो शांति है या बस संगति जुटाने की मेहनत से बचना है। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m…















