
Talking Mirror
साधना जी, बाहर बाबा बदल गए, टीवी पर चलने वाला चैनल बदल गया, पर देखिए ज़रा गहराई से, वो देखने वाला डर अब भी वहीं खड़ा है ना, जो कहता था कहीं से जवाब मिल जाए। यशोदा जी ने जो बात कही, वो यही है, बाबा बदलते रहें तो सिर्फ माला और नाम बदलते हैं, सवाल वही रह जाता है। असली बात ये है कि क्या अब आप सिर्फ आचार्य जी को देख रही हैं, या उनके ज़रिए अपने उस डर को देख रही हैं जो पहले टीवी के सामने बैठाता था। आचार्य जी के सत्र और उनकी वाणी को थोड़ा और गहराई से सुन…





























