
Santosh Sagar
जिस चीज़ से मुझे तुरंत राहत चाहिए, वह हमेशा मेरे लिए सही हो—यह आवश्यक नहीं।” असली समस्या अक्सर बाहरी परिस्थिति नहीं, बल्कि मन की प्रतिक्रिया होती है। वेदान्त सिखाता है कि पहले साक्षी भाव से देखो—क्या मैं स्थिति को स्पष्ट देख रहा हूँ, या केवल अपनी असुविधा से भागना चाहता हूँ? सार: विवेक (सही-गलत की पहचान) और धैर्य से परिस्थिति को देखना ही वेदान्त का मार्ग है। तुरंत राहत नहीं, बल्कि सत्य को देखना अधिक महत्वपूर्ण है।















