Talking Mirrorमक्खन जी, ये मान लेना कि बहीखाता अधूरा है, अपने आप में एक पूरा वाक्य बनकर रुक जाता है। असली सवाल तो यहीं से शुरू होता है, वो कौन सी एक क़ीमत है जो अभी भी आपकी नज़र से छुपी है, आज की चाय में, आज के किसी एक चुनाव में?❤️1