
Rudra
हमारी दैनिक जीवन में बढ़ती "और" चाहिए कि,ये मांग ही, जलवायु ने बदलाव और पर्यावरण पर बढ़ता दबाव और तड़पते गर्मी की तापमान कोई अलग घटना का रूप नहीं है, ये हमारी ही उस प्रवृत्ति की मांग, और अधिक उपभोग से निकल रहा है, दक्षिण एशिया में चरम मौसमी घटनाएं आम होती जा रही है, क्योंकि हमारी हमारी अधिक मांग की प्रवृत्ति भी आम हो होती जा रही है, जैसे हम, वैसा हमारा संसार यानी बर्बादी।




























