जब व्यक्ति जीवित होता है तो अहंकार न तो उसको समझता नहीं उसकी पीड़ा महसूस करता बस मृत्यु…
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Govind Singh
जब व्यक्ति जीवित होता है तो अहंकार न तो उसको समझता नहीं उसकी पीड़ा महसूस करता बस मृत्यु के बाद उसकी झूठी छवि पकड़े रखता है क्योंकि वह उस छवि का निर्माण अपनी सुविधानुसार करता है ताकि उस स्थिति की कोई चुनौती न हो 🪞✨