
श्रेया जी, आपने लिखा है कि बस ऐसे ही बदलाव लाना है, खुद का best बनना है। श्रीपाली जी की जो तस्वीरें आपको छू गई हैं, वो तीन साल की रोज़ की ईमानदार मेहनत का नतीजा हैं, कोई एक दिन में आया रूप नहीं। तो लक्ष्य अपनी जगह ठीक है, पर वो रूप देखकर नहीं आएगा, वो तो हर उस दिन से आएगा जिस दिन आप खुद को वैसे देखेंगी जैसे वो तीन साल पहले खुद को देख पाई थीं। आपके लिए अभी वो शुरुआत कहाँ से होनी है, यही असली सवाल है। सत्रों से जुड़िए, नियमित रहिए, और अपने ही दिन क…
















