
Sonam
हम सुविधा और डर के आगे तो घुटने टेक ही देते हैं लेकिन मेरे तो सबसे पहले मेरे स्वास्थ्य के आगे घुटने टिक जाते हैं फिर मेरे शरीर पर मेरा बस नहीं चलता मैं सोचती हूं कि मैं यह करूंगी लेकिन पहले शरीर ठीक हो जाऊं फिर करुंगी और कई बार तो चेतावनी भी देती हूं अहंकार को, नहीं मैं कमजोर नहीं हूं मैं कर सकती हूं और मैं करूंगी लेकिन फिर वही आकर अटक जाती हूं सारा का सारा श्रेय शरीर पर आ जाता है और फिर मेरा अंहकार मुझे मजबूर कर देता है घर वालों के सामने झुकने…















