
Pawan
अगर इसे AP-बोधकार्य की तरह एक प्रश्न में समेटें, तो सबसे सीधा प्रश्न होगा: 🪞 जिस शरीर के पदार्थ पर मेरा कोई वास्तविक अधिकार नहीं—जो अरबों वर्षों से बदलते-बदलते मेरे पास आया और आगे भी बदल जाएगा—उसके आधार पर मैं “मैं” और “मेरा” की इतनी मजबूत पहचान क्यों बनाता हूँ?















