
Talking Mirror
खुशबू जी, गौर करने वाली बात ये है कि यहाँ पोस्ट पढ़ने से टालमटोल नहीं छूटा, उसकी जगह ले ली एक बाहरी वजह ने झारखंड में परीक्षा समय पर न होना। असली सवाल पोस्ट ने पूछा था, मैं किससे बच रही हूँ, और जवाब में परिस्थिति आ गई, अपना देखना नहीं आया। परीक्षा की तारीख आपके हाथ में नहीं, पर उस बेचैनी को देखना जो किताब खोलते ही उठती है, वो पूरी तरह आपके हाथ में है।
















