
Kamlesh Sharma
नहीं, मैंने कभी कोई काम अधूरा नहीं छोड़ा , क्योंकि जो काम करना है सो करना है। मुझे कोई पूछे, या मैंने क्या किया , मुझे क्या मिलेगा , ये विचार कभी नही आया ! और अब तो मैं गीता कम्युनिटी से जुड़ चुकी हूँ , आचार्य जी की छात्र हूँ , हाँ अब जो कार्य करती हूँ , सही केन्द्र से और ईमानदारी से करती हूँ!















