
Sandhya Kumari
मै भी ऐसी ही थी और आज भी काफी हद तक ऐसी ही हु लेकिन अब इन बनाई हुई छवियों से निकलने की यात्रा पे हू । इन सबसे मुझे डर, आलोचना और खुद की बर्बादी के अलावा कुछ नहीं हासिल हुआ इनलोगों के लिए कितना कर दो लेकिन हर जगह ये हमें ही गलत ठहराते है क्योंकि हम एक लड़की है।















