
RICHA CHATURVEDI
शिक्षक का होना विद्यार्थी के सीखने की दिशा को देखने से जुड़ा है लेकिन ऐसा होता नहीं है सरकारी स्कूलों में तो हालात और भी ज्यादा खराब है, सरकार के द्वारा इतना सारा बजट दिया जाता है, अलग-अलग तरीके की योजनाएं चलाई जाती है लेकिन उसका 25% भी बच्चों तक नहीं पहुंचता है क्योंकि ऊपर से लेकर नीचे तक जिनके हाथों में जिम्मेदारियां हैं,पावर है, पैसा है -वह भ्रष्ट है, उनके अपने छोटे-छोटे स्वार्थ बच्चों के भविष्य से बहुत बड़े हैं!















