
Aarti Gupta
धीरे-धीरेहम दूसरेकी पसंद को अपना पसंद समझ बैठते हैं और हमें यह पता भी नहीं चलता है कि यह हमारी पसंद नहीं है किसी और की खास कर लड़कियों को यह सब ज्यादा है झेलना पड़ता है क्योंकि जानती हैं तब भी उन्हें दूसरों के ही पसंद से रहना चलना उठना बैठना और सारा काम करना होता हैकभी-कभी उनके हिसाब से चलना लड़की क्योंकि मजबूरी बन जाती हैं















