
Reena Uikey
अच्छा और बुरा इंसान बनने से हम स्वतंत्र नहीं हो जाते। दोनों के केन्द्र में अहंकार है जो अपने स्वार्थ को पूरा करने के लिए अच्छा या बुरा बनना चाहता है। जब अंदर से अच्छा या बुरा बनने का विचार आ रहा है तो यहां स्वतंत्र होने की बात ही नहीं आती, यहां अहंकार की सघनता दिखाई देती है। दुनिया में लोग अपने आप को स्वतंत्र कहकर प्रकृति का भोग करते है हम कुछ भी कर सकते है हम पर किसी का अधिकार नहीं।















