
vishnu namdev
हम आज भी उन्हीं परंपराओं के सहारे जी रहे हैं जो पहले से चली आ रही है, और अपने मैं को उसी हिसाब से चला रहे हैं जिनका न कोई मूल्य है और न ही कोई अस्तित्व,जो महादेवी वर्मा जी ने स्त्रियों के लिए किया है और बड़ी स्पष्टता से उन्हें समझाया है जैसे आत्मनिर्भरता, आर्थिक शोषण,स्वतंत्रता ,पराधीनता। इन सब बातों को परखने में और महिलाओं को अपने निर्णय लेने में ,अपनी कविताओं के माध्यम से अच्छी तरह समझाया है।















