पैटर्न तो समझ आ जाता है ।किंतु उस ढर्रे को तोड़ने में दिक्कत होती है ,अभी तक तो नहीं…
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Suman Sharma
पैटर्न तो समझ आ जाता है ।किंतु उस ढर्रे को तोड़ने में दिक्कत होती है ,अभी तक तो नहीं टूटा। अहंकार जल्दी हार नहीं मानता। जीवन में या तो विरक्ति सी रहती है ,नहीं तो मन किसी कामना के पीछे दौड़ता है।