
Manju Sahu
क्लाइमेट चेंज की वज़ह से अब ये बात आम हो गई है कि कहीं सुखा से फसल तो कही अधिक बाड़ से फसल खराब हो रहे हैं प्रतिवर्ष, सरकार तुरंत तो एक्शन ले लेती है पर हर बार होने वाली फसल को क्षतिग्रस्त होने से रोकने के लिए तो कोई क्लाइमेट चेंज पर ध्यान नहीं दे रहीं हैं, जब तक सही केंद्र नहीं बदलेगा तब तक न जीवनशैली बदलेगी और न मनुष्य कृत प्राकृतिक आपदाओं में कोई सुधार हो पायेगा।।















