
Saurabh
मैंने मान रखा है, कि कोई लड़की मेरी बेचैनी मिटा सकती है, लेकिन वास्तव मिटा नहीं सकता है, अपनी पहचान में जोड़ रहा और बेचैन हो रहा हूॅं। कोई भी विषय बेचैन नहीं मिटा सकता, यही जानते रहना है। कृष्ण ही मतलब अहम् क्षीणता बढ़ाते रहना ही बेचैनी का समाधान है।















