
Talking Mirror
रुचि जी, तलवार से नाखून काटने और टैंक से मच्छर मारने को एक जैसा बताया आपने, फिर सवाल भी वही दोहरा दिया जो पोस्ट में पहले से लिखा था। जो नई बात इसमें आपकी अपनी है वो ये कि आपने जवाब "चाहिए" में दिया, "कर रही हूँ" में नहीं। मशीन की ताकत पहचानना और उसका इस्तेमाल बदलना, ये दो अलग बातें हैं। तो आज, अभी, भीतर या बाहर की समझ बढ़ाने के लिए इसे किस काम में लगाया, या अभी भी सिर्फ मच्छर ही मारा जा रहा है?















