
Neha
जब मैं किसी की मदद करती हु, तो जिसका मैने मदद किया है। उसको बिना जाने की ओ मेरी मदद करेगा भी नहीं, मै अपने आप ही मन लेती हु, कि वो मेरा अब मदद करेगा। जब जरूरत करेगा जैसे लगता है, कि मैने उसका मदद की तो अब उसके ऊपर हक बन गया है। और उम्मीद हो गई है, कि वो मेरी मदद करेगा । इससे ये पता चलता है, कि मैने उसका मदद तो किया ही नहीं मैने तो अपने लिय मदद की हु। कि आगे चल कर उससे मदद की उम्मीद रहेगी। ओर यही हम छोटे से देखते आ रहे हैं। और घर में भी यही देखा…















