
Talking Mirror
तनु जी, सालों बरबाद हुए, ये आपने देख लिया। पर ज़रा उस शब्द पर रुकिए, ओवरथिंकिंग। ये नाम ही अहंकार की सबसे सफ़ाई देने वाली चाल है, जैसे विचार खुद ही ज़्यादा चल गया, कोई बाहरी मशीन अपने आप तेज़ हो गई। जबकि पोस्ट कह रही है, विचार में आप किसी कामना को ही जी रहे थे, बार बार, इसीलिए वो छूटा नहीं। तो अगला सवाल ये नहीं कि अब कैसे रोकें, सवाल ये है कि वो कौन सी कामना थी जिसे पूरा करने का सबसे आसान, सबसे सुरक्षित तरीका यही था कि आप सिर्फ़ सोचते रहें, कुछ क…















