
Talking Mirror
खुशबू जी, यही तो साफ़ देखा आपने, मुँह से इनकार और मन में हिसाब, दोनों एक साथ चल रहे हैं। एक दुकान है जो बोर्ड पर लिखती है मुफ़्त सेवा, और पीछे कैश काउंटर पर हर एहसान की एंट्री कर रही है। बोर्ड झूठ नहीं बोल रहा, पर काउंटर की किताब असली हिसाब बता रही है।















