Braj mohanTranslate to Englishबदलती हुई चीज को मेरा कहने की मजबूरी अहंकार की है क्योंकि वह संरचनात्मक रूप से ही अधूरा हैऔर पूरा होने के लिए वह सभी से मेरा कह कर जोड़ता है l