
Sunita
👉मेने अपने जीवन मे देखा है, मे ज़ब भी किसीको देखती हूँ, तो यही सब अहंकारीक पहचना के साथ क्युकी पहले की मान्यता जों हमें बताई गयी, की लड़की की इज्जत उसके उसी (वजाइनल) हिसे मे है, तब मेने भी शरीर को बड़ी बात माना और इसे हमेसा सुरक्षित रखने का फैसला किया, और किसीसे भी नही ज्यादा मिलती जुलती थीं,क्युकी मुझे वही डर मेरे अंदर था, की इज्जत जों मेरे शरीर को बड़ा बना रहीं थीं। मे पता नही कहा थीं, हूँ क्युकी जैसे मुजे बताया गया, वैसे ही उसी नजर से दूसरी लड़कियो…















