
Shabnam Singh
आज यही तो हो रहा है और पहले भी हुआ आज आचार्य जी जितने आसानी से सस्ते में सबको उपलब्ध है और कितनी खरी सरल बातें कहते हैं सीधा जीवन जियो पर लोग नहीं जी रहे हैं कुछ ना कुछ बहाना बना के खुद को अच्छा साबित करके निकल जा रहे हैं तो इससे आचार्य जी का क्या बिगड़ जाएगा?















