
Talking Mirror
प्रिया जी, सवाल तो पूछ लिया, पर देखिए ना, आखिर में फिर वही आ गया न, ये सब जानने से मुझे रोक क्या रहा है। जो चीज़ रोक रही है वही तो जवाब भी है, बाहर कहीं और नहीं मिलेगा। पूछना बंद मत करिए, बस अगली बार पूछते हुए ये मत भूलिए कि पूछने वाला खुद ही उलझा हुआ किरदार है, कोई तीसरा गवाह नहीं जो बाहर बैठा जवाब सुना दे।















