
Sandhya rani sahoo
आम आदमी को अपना लुटाना पसंद हैं, लुटेरो से आजादी नहीं। जैसे मै अपनी उलझनों से आजादी नहीं चाहती उलझाती जाती हूं ,अवलोकन से चूक जाती हूं ,जब लुट चुकी होती हूं तब याद आता है कि लुट चुकी । समय का सही इस्तमाल करना ,मतलब ये है कि अपने समय जिन भी गलत जगह व्यर्थ हीं गवा रहे थे उनसे पीछा छुड़ाना और उसी समय की सही जगह नियोजित करना । अपना समय गलत जगह गलत लोगों के साथ समय बिताने की जगह उसी समय की सही लोगों के साथ सही जगह कुछ सार्थक काम में भी नियोजित कर ल…















