
Sangita mote
हम लोग इस सच को देख पा रहे हैं , पर हमारा चुप रहना अपराध है। यदि हम सच जानकर भी चुप है और केवल दूसरों को मरते हुए देख रहे है, तो हम भी विनाश में बराबर के भागीदार है । हमें चूप रहने के बजाय आत्मज्ञान और सही समझ (चेतना) का प्रसार करना होगा।















