
Uma Soni
सच्ची है, आचार्य जी ने शास्त्रों को हमारे अंदर की कमजोरियों को हटाने के लिए उपदेश देते हुए समझा। उनके कहना है कि शास्त्र हमें हमारे बुरे विकारों, हमारे हंकार को विगलित करते हैं, जिससे कि हमारा अंतर्मानस स्वच्छ, साफ और सत्य के निकट प्रकाशपूर्ण हो जाता है। हमारे हृदय की इसी नैसर्गिक सौंदर्य को देखने के लिए जो मार्ग निर्धारण करता है, उसका चुनाव हमें करना चाहिए, क्योंकि सही चुनाव ही हमें अपनी मंजिल तक पहुँचा देता है। आचार्य जी का कहना है कि शास्त्र…















