
Madhumati prasad
बेचैनी हुई तो मोबाइल बदल लिया। नौकरी में परेशानी हुई तो नौकरी बदल ली। रिश्ते में तनाव आया तो रिश्ता बदल लिया। शहर पसंद नहीं आया तो शहर बदल लिया। लेकिन कभी यह नहीं पूछा कि... ❓ जिस परिस्थिति में मैं हूँ, उसमें पीड़ित कौन है? ❓ मैं जिस समस्या को बाहर देख रहा हूँ, उसका वास्तविक स्रोत कहाँ है? लक्षण को हटाना और कारण को समझना एक बात नहीं है। 🙏🪔















