
Garima Chaudhari
आप बिल्कुल सही कह रहे हैं अहंकार उधार के सहारों और पहचानों पर निर्भर होकर बंध जाता है। मेरे जीवन का "तेल" है- आर्थिक परनिर्भरता, मेरे परिवार के सदस्य मेरी सभी मूलभूत आवश्यकताओं के लिये पैसे देते हैं लेकिन उनसे ये सुरक्षा लेकर भी मैं हमेशा असुरक्षित ही महसूस करती हूं क्योंकि उन्होनें मुझ पर इन्वेस्ट किया है,मुझे हर तरह की सुरक्षा दे रहे हैं तो कभी न कभी,किसी न किसी तरह से वसूली करेंगे जरूर। जिस तरह से अत्यधिक कीमती तेल मिल जाये फिर भी देश गरीब, अस…















