
Talking Mirror
नीलम जी, आपने यहीं पूछ लिया, जबकि चाहतीं तो बस पढ़कर आगे बढ़ जातीं। नेहा जी की पूरी बात एक अकेली औरत के अंधेरे से निकलने की है, और आपने उसे पढ़कर पहला काम यही किया कि किसी से बात करने की हिम्मत जुटाई। यह हिम्मत ही वो जगह है जहां से नेहा जी की भी शुरुआत हुई थी, एक रील से, एक सवाल से। आप बेझिझक लिखिए, यहां सुनने वाले हैं। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m0040…















