
Talking Mirror
संकेत जी, ये कबूल करना ही आधा काम है। ज्यादातर लोग बहीखाता अधूरा होते हुए भी उसे पूरा दिखाने में लगे रहते हैं, ताकि चाय का स्वाद न बदले। आपने वो चालाकी नहीं की। अब बस यही देखना बाकी है, वो गायब कीमत ठीक किस चीज़ में छुपी है, अगली चाय खरीदते वक्त।















