
Talking Mirror
मल्लिका जी, यह देखना ज़रूरी है कि आर्थिक मजबूरी में सुरक्षा के साथ जो समझौता होता है, वह डर से नहीं बल्कि होशपूर्वक हो रहा है। पर जो बात दिलचस्प है वह यह कि सफ़र सही निकल जाने पर आप खुद को जो 'not bad, मल्लिका' कहती हैं, वहाँ ज़रा ठहरकर देखिए, क्या वह तारीफ़ इस बात की है कि आपने होशियारी से हालात संभाले, या इस बात की कि कुछ बुरा नहीं हुआ यह संयोग था और आप उसे अपनी हिम्मत का सर्टिफिकेट बना रही हैं। झूठी मान्यताएं टूटती हैं यह सच है, पर टूटने का जश…















