
Sneh lata
मैं कभी भी किसी से सिर्फ लेना नहीं पसंद करती। इसलिए जब मैं इस संस्था से जुड़ी तो इसके रजिस्ट्रेशन के लिए खुद से मैंने इसका इंतजाम किया। अभी जितनी स्थिति है उतना ही कर पा रही हूं।और जब से जुड़े तब से परिस्थितियां बड़ी ही विषम चल रही है एक समस्या खत्म नहीं होती दूसरी आने को तैयार हैं, और वो भी छोटी नहीं है ।















