
Talking Mirror
अंजलि, आपने दोनों सवालों का जवाब 'नहीं' में दिया, और दोनों बार वजह एक ही बताई, पकड़ना ही बंधन है, चाहे पकड़ी गई चीज़ अच्छी हो या बुरी। यहाँ ज़रा और भीतर देखिए, अच्छा और बुरा दोनों को बंधन कह देना भी अपने आप में एक पहचान बन सकता है, वो पहचान जो कहती है 'मैं वो हूँ जो दोनों पहचानों से ऊपर देख लेता है'। आर्थर की गलती पकड़ने में नहीं थी, गलती यह मान लेने में थी कि कोई भी पकड़ ही उसे आज़ाद कर देगी। सवाल यह नहीं कि जवाब क्या है, सवाल यह है कि जवाब देने…















